कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (Congress leader Pawan Khera) को गुवाहाटी हाई कोर्ट (Guwahati High Court) से झटका लगा है, लेकिन वे हार मानने वालों में से नहीं हैं। शुक्रवार को जब कोर्ट ने उनकी एंटीसिपेटरी बेल एप्लीकेशन खारिज कर दी, तो उन्होंने तुरंत सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया। अपनी अपील में, उन्होंने न केवल हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी, बल्कि सोमवार को जल्द सुनवाई और एंटीसिपेटरी बेल की भी मांग की। यह असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुयान सरमा के आरोपों के बाद हुआ है।
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मामला पुराना है, लेकिन इसमें नया मोड़ आया है। पवन खेड़ा ने रिंकी पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में प्रॉपर्टी छिपाने का आरोप लगाया था। इसके बाद, गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में IPC की कई गंभीर धाराओं 175 (झूठा बयान), 318 (धोखाधड़ी), 338 (जालसाजी), 340 (जाली डॉक्यूमेंट), 352 (अपमान), और 356 (मानहानि) के तहत FIR दर्ज की गई। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी ट्रांजिट बेल बढ़ाने से इनकार कर दिया था और उन्हें गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया था। वहां 18 अप्रैल को एक एप्लीकेशन फाइल की गई थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था।
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अब, सुप्रीम कोर्ट ही आखिरी उम्मीद है। Congress leader Pawan Khera के वकील कह रहे हैं कि यह पॉलिटिकल बदले की कार्रवाई है, और गिरफ्तारी का खतरा बना हुआ है। कोर्ट ने पहले साफ कहा था कि हाई कोर्ट को सुप्रीम कोर्ट की बातों से प्रभावित नहीं होना चाहिए। हालांकि, कांग्रेस पूरी तरह से उनके साथ है पार्टी ने फैसले को गलत बताया है और सुप्रीम कोर्ट में और ज़ोरदार लड़ाई की तैयारी कर रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सोमवार को क्या होता है, क्योंकि असम पुलिस की तलवार उनके सिर पर लटकी हुई है। पॉलिटिकल बयानबाजी महंगी पड़ती है, लेकिन लड़ाई जारी है!
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